पेट के अल्सर अपच, खाना हजम क्यों नहीं होता है ? जाने घरेलू उपाय

 

पेट के अल्सर अपच, खाना हजम क्यों नहीं होता है

पेट का अम्लीय , अम्लशूल और अस्सर अपच :

        अम्लीय पच और ' अम्लशूल ' रोग प्रायः काफी अधिक मात्रा में भारी और तेल - घी वाले चिकने - चुपड़े आहार खाने या अधिक काफी या शराब पीने से होते हैं । इससे पेट में अम्ल ज्यादा पैदा होता है और इसके कारण छाती या पेट में बेचैनी या ' अम्लशूल ' अनुभव होती है । कुछ लोग इस ' अम्लशूल ' को अपच की बजाय हृदय रोग समझते हैं । यदि लेटने से दर्द ज्यादा होता है तो यह सम्भवतः अम्लशूल ही है ।

          यदि अम्लीय अपच - बार - बार हो जाये या काफी समय तक रहे तो यह पेट के अल्सर की पूर्व - सूचना समझनी चाहिए ।

अल्सर अधिक अम्ल द्वारा पैदा किया हुआ पेट या छोटी आंत का चिरकालिक घाव है ।


      इसकी पहचान लगातार और धीमी ( कभी - कभी तेज ) पीड़ा से की जा सकती है जो पेट के ऊपरी हिस्से में होती है । जब व्यक्ति भोजन खाता है या पानी पीता है तो यह दर्द प्रायः कम हो जाता है । कई बार यह दर्द खाने के 1 / 2 या 1 घण्टे के बाद और भी ज्यादा बढ़ जाता है । यदि व्यक्ति किसी वक्त का खाना न खायें या शराब पी ले अथवा मसालेदार और चिकने - चुपड़े आहार खा ले तो तीखी पीड़ा होती है । रात के समय पीड़ा प्रायः तेज होती है । विशेष जांच ( इंडोस्कोपी ) के बिना यह जानना मुश्किल होता है कि बार - बार पेट दर्द होने वाले व्यक्ति को अल्सर है या नहीं ।
            यदि अल्सर ने गंभीर रूप धारण कर लिया है तो इसके कारण उल्टी भी हो सकती है- कभी - कभी तो उल्टी में ताजा खून या पचा हुआ खून जो कॉफी ग्राउंड जैसा दिखता भी हो आ सकता है । अल्सर के कारण टट्टी में खून आ सकता है और वह तार - कोल जैसी काली हो सकती है ।

चेतावनी :
           कई अल्सर दर्द रहित या ' खामोश ' होते हैं और इनका पहला लक्षण उल्टी में खून आना या काली , चिपचिपी टट्टी होता है । यह आपात चिकित्सा वाली स्थिति होती है । ज्यादा खून आने से व्यक्ति मर भी सकता है । तुरन्त चिकित्सा सहायता लें ।

बचाव और उपचारः 
           पेट दर्द या छाती दर्द के कारण चाहे अपच हो , छाती में जलन हो या अल्सर हो , कुछ एक मूलभूत सुझाव अपनाने से बहुत संभव है कि दर्द रोकने या सहन करने के लिए सहायक हों और उसे दुबारा आने से रोकने में भी सहायक हो सकते हैं ।
  • बहुत ज्यादा न खाएं- थोड़ा आहार खाएं और बार - बार स्वल्पाहार करते रहें । प्रायः वे भोजन ही खाएं जो शमन कारक हों और दर्द का कारण न बनें ।
  • ध्यान दें कि जो खाद्य या पेय दर्द को बढ़ा दें उन से बचें- इनके अर्न्तगत प्रायः शराब , कॉफी , मसाले , मिर्च , कार्बोनेटेड पेय ( सोडा , पोप , कोला ) और वसा युक्त या चिकनाई युक्त आहार आते हैं ।
  • यदि रात में सोते समय छाती में जलन हो तो तकिया लगाकर अधलेटे ढंग से सोएं ।

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पियें - हर बार खाने से पहले दो गिलास पानी पीने की कोशिश करें । खाते समय बीच - बीच में भी पानी पिएं । यदि दर्द बार बार हो तो इसी प्रकार पानी पिएंचाहे दर्द न भी हो रहा हो ।

  • तम्बाकू से बचें - धूम्रपान या तम्बाकूचबाने से बचें , पेट का अम्ल बढ़ता है और समस्या बिगड़ती है ।
  • अम्ल विरोधी ( एंटासिड्स ) लें । सबसे सुरक्षित व उत्तम अम्ल विरोधी मैगनीसियम और एल्यूमिनियम हाइड्रोक्साइड होते हैं ।
  • वे गंभीर दर्द या अल्सर जो ठीक न हो रहे हों तो उनके लिए सिमेटीडीन रैनिटीडीन लेने की कोशिश करें । यह काफी मंहगी तो है परन्तु दर्द के लिए बहुत ही प्रभावी है और घाव को ठीक होने में सहायक भी है । लेकिन अल्सर पुनः हो सकता है ।

  • घी कंवार ( अलोय वेरा ) बहुत से देशों में पाया जाने वाला पौधा है जिसको अल्सर को ठीक करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है । इसके गुदे दार पत्तों को छोटे टुकड़ों में काट लें और रात भर पानी में डुबों दें । इसके बाद हर दो घंटे बाद उसके पतले , कड़वे पानी का एक गिलास पीयें ।
सावधानः 
  1.        बहुत से डाक्टर अल्सर के उपचार में दूध लेने की सिफारिश करते हैं । हालांकि दूध पहले दर्द को शांत कर देता है लेकिन उसके पेट में अम्ल बढ़ता है जिससे अल्सर और खराब होता जाता है । इसी कारण बहुत से डाक्टरों ने अब दूध देकर उपचार करना बंद कर दिया है ।
  2. दूध की ही तरह कुछ एंटासिड्स जैसे कि सोडियम बायकार्बोनेट ( खाने का सोड़ा ) और अल्का सेल्टजर अपच के अम्ल को शांत कर सकते हैं , लेकिन जल्द ही ज्यादा अम्ल निर्मित होता है । अतः इनका प्रयोग केवल कभी - कभार होने वाले अपच के समय ही प्रयुक्त करना चाहिए न कि अल्सर के लिए । यही बात कैल्शियम के साथ लिए गए एंटासिड्स पर भी लागू होती है ।
  3. कुछ दवाइयां , जैसे कि एस्प्रिन और आयरन साल्ट्स अल्सर खराब बनाते हैं । छाती के जलन या अपच केलक्षण वाले व्यक्ति को इनसे बचना चाहिए और विशेष ध्यान रखना चाहिए ( भोजन के साथ ज्यादा से ज्यादा पानी और शायद एंटासिड्स ) । कॉर्टिको स्टेरायेड्स भी अल्सर को विकृत बनाते हैं या उनका कारण बनते हैं ।
यह बहुत महत्वपूर्ण है कि एक अल्सर का उपचार तुरन्त शुरू किया जाना चाहिए । अन्यथा यह खतरनाक रक्त स्राव या पर्युदर्या शोथ हो सकता है । अल्सर उस व्यक्ति का जल्दी ठीक हो जाता है जो ध्यान से खाना - पीना करता है । क्रोध , तनाव और उदासीनता आदि से पेट में अम्ल बढ़ाता है । तनाव रहित एवं शांत होना सीखें , यह सहायक है । अल्सर को दुबारा होने से रोकने के लिए आवश्यक देखभाल लगातार जारी रखने की जरूरत है ।

सबसे बेहतर यही है कि पेट में अम्लता बढ़ने के कारण से बचा जाए जैसे कि बहुत ज्यादा खाना न खाएं , न ज्यादा शराब पिएं और धूम्रपान भी न करें । धन्यवाद आपका दिन शुभ हो अगर इसी तरह इंटरेस्टिंग आर्टिकल पाना चाहते हैं तो कृपया हमें फॉलो करें या हमें सब्सक्राइब करें ।

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