कब्ज का घरेलू उपाय | इलाज और सामाधान | कब्ज बीमारी | कब्ज के लक्षण | Constipation

कब्ज का घरेलू उपाय

Constipation (कब्ज़) क्या है ?

जिस व्यक्ति का मल सख्त ( कठोर ) हो और उसे तीन दिन या तीन दिन से ज्यादा तक टॉयलेट न आये , तो हम कह सकते हैं कि उसे कब्ज हो गयी है । 

कब्ज अक्सर गलत आहार ( विशेष रूप से फल , हरे रंग की सब्जियां या प्राकृतिक रेशेयुक्तआहार जैसे संपूर्ण ग्रेन ब्रैड न खाने के कारण ) और व्यायाम की कमी के कारण होती है ।

कब्ज से कैसे बचा जाए :


  ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और ज्यादा फल खाएं , हरी सब्जियां खाएं तथा प्राकृतिक रेशे युक्त आहार जैसे - संपूर्ण ग्रेन ब्रैड , कसावा ( टैपियोका ) , गेहूं , राई , गाजर , शलगम , किशमिश , गिरीदार फल , कद्द या सूरजमुखी के बीज खाना रेचक लेने से बेहतर है । 

प्रतिदिन खाने में थोड़ा सा वनस्पति तेल मिलना भी फायदेमंद होता है । बड़ी उम्र के लोगों को बेहतर शौच प्रक्रिया के लिए जरूरी है कि प्रतिदिन थोड़ी भाग - टहल करें और नियमित रूप से थोड़े व्यायाम भी करें ।

        जिस व्यक्ति ने 4 या अधिक दिनों से थोड़ा बहुत व्यायाम नहीं किया हो और उसे पेट में तेज दर्द न हो वह दूध या मैगनिशियम जैसे साधारण नमकीन रेचक (जमाल गोटा) ले सकता है । लेकिन प्रायः रेचक न लें ।

चेतावनी :
      छोटे बच्चों या बड़े बच्चों को रेचक न दें । यदि शिशु को गंभीर कब्ज है तो थोड़ा सा खाने वाला तेल उसके मलाशय में लगाएं या , यदि जरूरी हो उंगली में चिकनाई लगाकर सख्त मल को तोड़ दें और बाहर निकाल दें ।

तगड़े जुलाब या रेचक का इस्तेमाल न करें - विशेष रूप से जब पेट में दर्द हो ।

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