घेघा (गलागंड) गले पर सूजन या गूमढ़ हो जाना | घेंघा रोग के उपचार | Goiter के वारे में


घेंघा क्या है ?

          गलागंड गले पर आयी सूजन या गूमढ़ का नाम है, जो थायरायड ( अवटुग्रंथि ) नामक ग्रंथि की असामान्य बढ़त के कारण हो जाता है । 
         अधिकतर गलगंड या घेंघा भोजन में आयोडीन की कमी के कारण होते हैं । कभी - कभी अगर गर्भवती महिला के आहार में आयोडीन की कमी रहे तो उसका होने वाला बच्चा मर भी सकता है या वह मंदबुद्धि और या बहरा भी पैदा हो सकता है , यह तब भी हो सकता है चाहे बच्चे की मां को घेंघा हो या नहीं ।

घेघा या गलगंड और बौनापन से बचाव या देखभाल :

    उन स्थानों पर रहने वालों को जहां गलगंड हो जाते हों , आयोडाइज्ड नमक का इस्तेमाल करना चाहिए । आयोडाइज्ड नमक कई प्रकार के सामान्य गलगंडों से बचाता है और यह कई प्रकार के गलगंडों से छुटकारा भी दिलाता है । ( पुराने और कड़े घेघा को केवल शल्य - चिकित्सा ( आपरेशन ) से ही दूर किया जा सकता है लेकिन शल्य - चिकित्सा की आवश्यकता प्रायः नहीं होती है ) ।

    घर पर इलाज करने से गलगंड में फायदा नहीं होता । फिर भी आयोडीन युक्त समुद्री आहार लेने से कुछ आराम हो सकता है । भोजन में थोड़ी मात्रा में समुद्री शैवाल मिलाने से आयोडिन मिल सकता है । लेकिन सबसे आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक का उपयोग ही है ।

घेघा या गलगंड से कैसे बचें ;
  • हमेशा आयोडाइज्ड नमक का इस्तेमाल करें ।
  • कभी भी साधारण नमक का इस्तेमाल न करें ।
  • आयोडाइज्ड नमक की कीमत साधारण नमक से थोड़ी सी ज्यादा पर बहुत ही फायदेमंद होती है ।
ध्यान दें : 
     यदि गलगंड वाले व्यक्ति को ज्यादा कंपकपी होती हो वह बहुत अधीर ( बेचैन ) हो और उसकी आंखें फूलकर मोटी हो जायें तो यह दूसरी प्रकार का गलगंड होता है ( विषैला गलगंड ) । डाक्टरी सलाह लें ।

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