![]() |
| नवजात नेत्र रोग |
अपने जीवन के पहले दो दिनों में यदि शिशु की आंखें लाल हो जायें , उनमें सूजन और बहुत पीप आने लगे तो यह रोग प्रमेह (Gonorrhea) {गानोरिआ} है, शिशुको जन्म के समय यह रोग मां से लगता है । बच्चे को अंधा होने से बचाने के लिए इसका तुरन्त उपचार करवाना चाहिए ।
उपचारः
स्थानीय उपचार गुनगुने नमकीन पानी से आंखों को साफ करें और उनमें हर 2 घंटे में ओफ्लक्सीन सिप्रोफ्लोक्सीन या टोबरामाइसीन एंटीबायोटिक आई ड्राप्स डालें ।
योजनाबद्ध उपचार -
सिस्टेमिक ब्रोड स्पेक्ट्रम एंटीबॉयोटिक सिरप ।
ड्रोप्स का उपयोग करने से पहले , पीप को साफ करें ।
![]() |
बचाव :
उन सब शिशुओं की आंखों को सूजाक से बचाना चाहिए विशेष रूप से उन्हें जिनकी मां को सूजाक होने का सन्देह हो या जिनके पिता को पेशाब करते हुए पीड़ा अनुभव होती है । ( मां को बिना जानकारी के सूजाक {गानोरिआ} हो सकता है । )
जन्म के समय नवजात शिशु की दोनों आंखों में केवल एक बार | प्रतिशत सिल्वर नाइट्रेट सोलूशन डालें । यदि आपके पास सिल्वर नाइट्रेट की बूंदे न हों तो एक प्रतिशत टेट्रासाइक्लीन मलहम तीन दिनों तक दिन में 3 बार डालें ।
यदि बच्चे को आंखों का सूजाक होता है तो सूजाक के लिए माता - पिता दोनों का उपचार किया जाना चाहिए ।
उम्मीद करता हूं इन आर्टिकल से कुछ तो फायदा हुआ होगा, यह जानकारी आप लोग के लिए एकदम महत्वपूर्ण है धन्यवाद !




If you have any Doubt, Please let me know