Asthma (दमा )
दमे वाले व्यक्ति को दौरे पड़ते हैं अथवा सांस लेने में कठिनाई के साथ - साथ इसके दौरे पड़ते हैं, और वह हांफता है ।
व्यक्ति की सिसकारियों ( हिस्सिंग ) और घरघराहट से सांस अन्दर लेने और विशेषतौर से जब वह सांस बाहर निकालता है । की आवाज सुनें । जब वह सांस अन्दर लेता है तो उसकी गर्दन की हड्डियों के पीछे की त्वचा और उसकी पसलियों के बीच सिकुड़न ( सक - इन ) करता है / हो जाती है ।
जैसे - ही वह हवा लेने अर्थात् सांस लेने की कोशिश करता है । यदि व्यक्ति काफी हवा ले सके तो उसके नाखून और ओंठ नीले हो जाते हैं और उसकी गर्दन की नसें फूल / सूज सकती हैं । ( गलसोट click )
सामान्यतया इसमें बुखार नहीं होता है । दमा प्रायः बाल्यावस्था में शुरू होता है और जीवन के लिए एक समस्या हो सकती है । यह रोग फैलता नहीं है लेकिन उन बच्चों में ज्यादा आम होता है जिनके रिश्तेदारों / संबंधियों को दमा हो ।
यह रोग सामान्यतया वर्ष के कुछ महीनों के दौरान अथवा रात में और बिगड़ जाता है । जिन व्यक्तियों को वर्षों से है , को वातस्फीति ( एमफिसेमा ) हो सकती है । दमे का दौरा व्यक्ति को उन खाने अथवा सांस लेने की चीजों जिनके प्रति वह संवेदनशील ( एलजिक ) होता है , से भी हो सकता है । बच्चों में दमा प्रायः आम होने वाले सर्दी - जुकाम से शुरू होता है । कुछ व्यक्तियों में घबराहट अथवा चिन्ता भी दमे के दौरे का मुख्य कारण हो सकती है ।
उपचार :
- यदि दमा घर में ही बिगड़ जाता है तो व्यक्ति को बाहर पूरी तरह से साफ हवा में जाना चाहिए । शान्त रहें और व्यक्ति के साथ नम्रता / सौम्यता का बर्ताव करना चाहिए । उसे पुनः आश्वस्त करें । ढांढस बधाएं ।
- काफी मात्रा में तरल पदार्थ दें । इससे बलगम ढीली पड़ती है । पतली हो जाती है और इससे सांस लेना भी आसान हो जाता है । पानी की भाप सूंघने से भी दमे में सुधार / दमा ठीक होने में मदद मिलती है ।
- हल्के - फुल्के दौरों के लिए ऐफेडराइन अथवा थियोफाइलाइन दें ।
- यदि व्यक्ति को बुखार हो अथवा यदि इसका दौरा 3 दिनों से अधिक रहे तो टेट्रासाइक्लिन केकेप्सूल अथवा इराडथरोमाइसिन दें ।
- विरले मामलों में केंचुओं ( गोलकृमि ) से दमा होता है । यदि आप सोचते हों कि दमे से पीड़ित बच्चों में गोलकृमि है तो उनको पाइपरेजाइन देने की कोशिश करें ।
- यदि व्यक्ति ठीक न हो रहा हो तो अस्पताल जाकर चिकित्सीय सहायता प्राप्त करें ।
बचाव (रोकथाम) :
दमे से ग्रस्त व्यक्ति को वे चीजें खानी छोड़ देनी चाहिए और उन चीजों को सूंघना / सांस से अन्दर ले जाना छोड़ देना चाहिए जिनसे इसे इसका दौरा पड़ता हो । घर और काम करने के स्थान को साफ - सुथरा रखना चाहिए ।
मुर्गियों अथवा पशुओं को घर के अन्दर न आने / रहने दें । बिस्तरों और पलंगों को बाहर हवा / धूप में रखें । कभी - कभी बाहर खुली हवा में जाने से दमे के रोग से निजात मिलने में मदद मिलती है ।
खुली और साफ हवा में विभिन्न क्षेत्रों में घूमने से दमे से ग्रस्त व्यक्तियों की दशा में सुधार होता है



If you have any Doubt, Please let me know